राजस्थानी कांजी वड़ा/कांजी में वड़े कब डाले जाते हैं/कैसे बनाएं/क्या होता है

 राजस्थानी कांजी वड़ा


कांजी वड़ा क्या होता है?

 राजस्थानी कांजी वड़ा बहुत ही स्वादिष्ट होता है। इसे खासतौर पर होली के मौके पर बनाया जाता है। कांजी वड़े का पानी बहुत ही स्वादिष्ट, खट्टा और तीखा होता है, इस तीखे और खट्टे पानी को ही कांजी कहते हैं। स्वादिष्ट होने के साथ-साथ यह बहुत ही स्वास्थ्यवर्धक और पाचक होता है। होली के अवसर पर तरह तरह के व्यंजन और पकवान खाएं जाते हैं जिसे पचाने में यह सहायक होता है।

  कांजी वड़े के लिए उड़द और मूंग की दाल से वड़े तैयार किए जाते हैं, फिर पीली सरसों, काली राई और कुछ मसाले मिलाकर पानी को 2 से 3 दिन तक खट्टा होने के लिए रख दिया जाता है. इस खट्टे और तीखे पानी को ही कांजी कहते हैं, उसके बाद उड़द की दाल से बने वड़े को कांजी में डालते हैं। इस तरह कांजी वड़ा तैयार होता है।




 पकाने का समय: ३० मिनट


 रेसिपी का प्रकार: रसदार


 उत्पत्ति का स्थान (भारत) राजस्थान


कांजी वड़ा कैसे बनाया जाता है?


 सामग्री-


 वड़े के लिए-


 1 छोटी कटोरी पीली मूंग दाल।


 1 छोटी कटोरी उड़द की दाल।


 2 बड़े चम्मच सरसों का तेल।


 3 बड़े चम्मच पानी।


 भिगोने के लिए पानी।


 तलने के लिए सरसों का तेल।


 कांजी के लिए-


 1½ बड़ा चम्मच पीली सरसों।


 1 बड़ा चम्मच काली सरसों।


 1 बड़ा चम्मच अजवायन।


 1 बड़ा चम्मच भुना जीरा।


 1/2 बड़ी चम्मच हल्दी पाउडर।


 1/2 बड़ी चम्मच लाल मिर्च पाउडर।


 1/2 छोटा चम्मच काला नमक।


 नमक स्वादानुसार।


 1 चम्मच दही।


 1 चम्मच सरसों का तेल।


 1½ लीटर गुनगुना पानी।


 1/4 छोटा चम्मच हींग (हींग)।


 1 चम्मच घी।


 वड़े भिगोने के लिए पानी।


 कोयला


कांजी कैसे बनाएं ?


 बनाने का तरीका-


 भुना जीरा, अजवायन, पीली सरसों और काली राई को मिक्सी में दरदरा पीस लें.

 अब एक बड़े बर्तन में दरदरा पिसा हुआ मसाला और बाकी सारे मसाले डाल कर मिला दीजिये। हींग की महक के लिए गरम कोयले को मिट्टी के दीपक में रखकर उसके ऊपर थोडी़ सी हींग और घी डालकर बर्तन के अंदर रख दें और 1 मिनिट के लिए ढक्कन से बंद कर दें। एक मिनट बाद ढ़क्कन खोल देंं और तुरंत से गुनगुना पानी मिलाकर तैयार कांजी (पानी) को किसी कांच या चीनी मिट्टी के बर्तन में डालकर 2 से 3 दिन तक खट्टा होने के लिए रख दें। दो से तीन दिन बाद खट्टी कांजी बनकर तैयार हो जायेगी।


कांजी के लिए वड़े कैसे तैयार करें?
 

 दो से तीन दिन बाद दोनों दालों को 7 से 8 घंटे के लिए भिगो कर रख दें।

 भीगी हुई दालों को मिक्सर से पीस कर बारीक पेस्ट बना लें और 10 से 15 मिनट तक हाथ से फेंट लें जब दाल का रंग हल्का हो जाए तब गर्म तेल में वड़े  तैयार करें(वड़ों को गरम तेल में मध्यम आंच पर सुनहरा होने तक तलें). जब वड़े सिक जायें तब  उन्हें प्लेट में निकाल लें और 1 घंटे के लिए पानी में भिगो दें।


 अब वड़ों को निचोड़ कर दें और तैयार खट्टी कांजी में डाल दीजिए. खट्टा और तीखा कांजी वड़ा बनकर तैयार है. इसे ठंडा करके परोसें।


वड़े को कांजी में कब डालते हैं?


 नोट- वड़े को कांजी बनाते समय( वड़े  सहित पानी को खट्टा होने दें )या खट्टी कांजी तैयार होने के बाद बड़े डाल सकते हैं।

 कांजी वड़े को फ्रिज में रखकर दो दिन तक खाया जा सकता है।

  



लेखिका , शालिनी जैन (यूट्यूबर, ब्लॉगर)

दिनांक 17 जून, सन् 2021, दिन - बृहस्पतिवार 





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